शिक्षा का महत्व - Travel With Chinmay - Udaipur

शिक्षा है जड़ता – ज्ञान से दूरी
सरल और स्पष्ट सारांश
शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना नहीं है। शिक्षा हमें ज्ञान, विवेक, संस्कार और सही सोच देती है।
मनुष्य केवल शरीर नहीं है। उसके साथ मन, आत्मा और चेतना भी जुड़ी हैं। इसलिए शिक्षा का विकास इन सभी स्तरों पर होना चाहिए।
माता-पिता बच्चे को केवल भौतिक सुविधाएँ दे सकते हैं, ज्ञान नहीं। सही ज्ञान और संस्कार बच्चे को स्वयं सीखने और समझने पड़ते हैं।
ज्ञान मनुष्य को प्रकृति, समाज और स्वयं से जोड़ता है। अज्ञान इसके विपरीत मनुष्य को वास्तविकता से दूर कर देता है।
सरस्वती ज्ञान और शिक्षा की प्रतीक हैं। उनका संबंध वाणी, संगीत, कला, बुद्धि और विवेक से है।
धन की भी अपनी उपयोगिता है, लेकिन धन ज्ञान का विकल्प नहीं है। धन से सुविधाएँ मिल सकती हैं, पर सच्ची समझ और संतोष ज्ञान से आते हैं।
आज शिक्षा का एक बड़ा संकट यह है कि ज्ञान का उद्देश्य कहीं-कहीं केवल रोजगार और धन तक सीमित हो गया है। शिक्षा को फिर से मानवीय मूल्यों और संस्कारों से जोड़ना आवश्यक है।
सच्चा ज्ञान मनुष्य को भीतर से समृद्ध करता है। वह अहंकार कम करता है और विनम्रता, विवेक, करुणा तथा आत्मबोध बढ़ाता है।
मुख्य संदेश
शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं है।
सच्ची शिक्षा वह है जो मनुष्य को स्वयं से, समाज से, प्रकृति से और जीवन के वास्तविक अर्थ से जोड़ दे | 
Travel With Chinmay - Udaipur 
+91 94141 64680

Comments

Popular posts from this blog

Udaipur 's stunning Shivniwas, Lake palace and Maharana Fateh Singh Ji of Mewar.

Maharana Pratap's Visualisation By Famous Painter - Raja Ravi Verma ( Travel With Chinmay - Udaipur Rajasthan )

Toran - तोरण - वैवाहिक परंपरा - Wedding procession Ritual - Travel With Chinmay - Udaipur Rajasthan.