Mewar Musical Contribution : Travel With Chinmay - Udaipur Rajasthan India.
संगीत और साहित्य आदि - अनादिकाल से जीवात्माओं को बाहरी और आंतरिक तौर पर आनंदित करते रहे हैं। मेवाड़ के लगभग १५०० वर्षों के इतिहास में न केवल वीरता और त्याग की गौरवगाथाएं हैं किन्तु उतनी ही संवेदनशीलताओं के साथ साहित्य और संगीत पर भी विराट और विस्तृत कार्य हुआ है । उन ख्यातनाम लोगों में भक्ति मति मीरा बाई , महाराणा कुंभा, राजकुमारी रमाबाई इत्यादि। 🙏🎶 मेवाड़ — जहाँ राज्य केवल वीरता से नहीं, संगीत से भी अमर हुए 🎶✨ माइक्रोफोन, कॉन्सर्ट हॉल और आधुनिक ऑर्केस्ट्रा के युग से बहुत पहले, राजस्थान की राजसी भूमि मेवाड़ में एक ऐसी ध्वनि गूँजती थी जो समय से भी परे थी — रागों की पवित्र अनुगूँज। यह केवल योद्धाओं का राज्य नहीं था। यह एक ऐसी सभ्यता थी जहाँ शौर्य, भक्ति, काव्य, दर्शन और संगीत साथ-साथ जीवित थे। इस अद्भुत परंपरा का प्रारम्भ होता है # महाराणा कुम्भा से — भारत के महानतम दार्शनिक राजाओं में से एक। वे रणभूमि के अद्वितीय योद्धा थे, किन्तु साथ ही साहित्य, स्थापत्य, आध्यात्मिकता और भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान संरक्षक भी। महाराणा कुम्भा संगीत को केवल मनोरंजन नहीं मानते थे; उनके लिए ...